ग्रामीण तहकीकात ऐप इंस्टॉल करने के लिए यहाँ क्लिक करें 📲

ग्रामीण तहकीकात 

मंगलौर। कस्बे में कार्यरत स्थानीय पत्रकारों ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर पत्रकारिता की साख और मर्यादा को बनाए रखने के लिए एकजुटता दिखाई। बैठक में बिना किसी अधिकृत संस्थान या पंजीकरण के फर्जी आईडी कार्ड व सोशल मीडिया के नाम पर पत्रकारिता की आड़ में सक्रिय तत्वों पर चिंता व्यक्त की गई और इनके विरुद्ध प्रभावी कदम उठाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकारों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए स्पष्ट किया कि क्षेत्र में पत्रकारिता कार्य के लिए संबंधित संस्थान का वैध नियुक्ति पत्र और संस्थागत परिचय पत्र अनिवार्य होना चाहिए। इसके साथ ही समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं के लिए आरएनआई (RNI) अथवा भारत के रजिस्ट्रार जनरल ऑफ प्रेस (PRGI) तथा अधिकृत इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल मीडिया संस्थानों से संबद्धता को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

पत्रकारों का कहना था कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने, समाचार पत्रों की फर्जी कतरनों के दुरुपयोग और बिना मान्यता प्राप्त आईडी कार्ड के वाहनों पर ‘प्रेस’ लिखकर घूमने के मामलों की चर्चाएं सामने आ रही हैं, जिससे पत्रकारिता के पेशे की छवि प्रभावित हो रही है। बैठक में तय किया गया कि इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की जाएगी।

पत्रकार प्रतिनिधियों ने निर्णय लिया कि जल्द ही क्षेत्राधिकारी मंगलौर को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से पुलिस प्रशासन से अपील की जाएगी कि वह फर्जी आईडी कार्ड, वाहनों कार व बाइक पर अनधिकृत रूप से ‘प्रेस’ लिखे होने की स्थिति तथा अप्रमाणित प्रचार तंत्र की निष्पक्ष जांच करे, ताकि सही और प्रमाणित पत्रकारों की पहचान सुरक्षित रहे तथा किसी भी तरह की अवैधानिक गतिविधि पर रोक लग सके।

बैठक में क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार अरशद हुसैन, अकील अहमद, राहुल सैनी, शमीम अहमद, फिरोज खान, अनिल सैनी, नवीन कुमार, श्याम सुंदर , फरमान, मांगेराम गोर, राजेश कुमार, रोहित कुमार, अनुज सैनी आदि मौजूद रहे।

• दिल्ली पुलिस और FDA की संयुक्त कार्रवाई, भारी मात्रा में दवाएं व मशीनरी बरामद, दुकान सील

 • साउथ दिल्ली से पकड़े गए 20 हजार के इनामी आरोपी राजेश यादव की निशानदेही पर हुई कार्रवाई

 • पानीपत स्थित दवा फैक्ट्री से झबरेड़ा में शिफ्ट किया गया था माल और मशीनरी

 • दवाओं के भंडारण या संचालन का कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला, फॉर्म-17 भरकर लैब भेजे गए नमूने

 

ग्रामीण तहकीकात/नवीन कुमार 

झबरेड़ा। कस्बा झबरेड़ा में नगर पंचायत रोड स्थित एक दुकान पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने देर शाम छापेमारी की। पुलिस रिमांड पर चल रहे ₹20,000 के इनामी अंतरराज्यीय शातिर आरोपी की निशानदेही पर की गई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। टीम ने मौके से भारी मात्रा में दवाइयों का स्टॉक और दवा निर्माण/पैकिंग से जुड़े मशीनरी पार्ट्स बरामद कर दुकान को सील कर दिया है।

ड्रग्स इंस्पेक्टर हरीश सिंह ने मौके पर जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस ने कुछ समय पूर्व साउथ एक्स क्षेत्र से एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपी की पहचान जयपुर (राजस्थान) निवासी राजेश यादव के रूप में हुई। पूछताछ एवं पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया था कि उसकी पानीपत (हरियाणा) में एक दवा फैक्ट्री थी और वहां से कुछ माल व मशीनरी पार्ट्स झबरेड़ा में नगर पंचायत रोड स्थित इस दुकान पर शिफ्ट किए गए हैं।

आरोपी की निशानदेही पर जब ड्रग्स विभाग और दिल्ली पुलिस की टीम ने नगर पंचायत रोड स्थित दुकान का शटर खुलवाकर जांच की, तो अंदर भारी मात्रा में दवाइयों के डिब्बे और दवा निर्माण संबंधी मशीनरी के कलपुर्जे रखे मिले। जांच के दौरान मौके पर दवाओं के क्रय-विक्रय, भंडारण अथवा इकाई के संचालन से संबंधित कोई भी वैध ड्रग लाइसेंस या कागजात पेश नहीं किए जा सके।

छापेमारी के दौरान टीम ने मौके पर जब्ती व जांच की विधिवत कागजी कार्रवाई पूरी की। ड्रग्स इंस्पेक्टर ने स्पष्ट किया कि बरामद दवाइयां प्रतिबंधित (नारकोटिक) श्रेणी की नहीं हैं, लेकिन अनाधिकृत रूप से रखी गई थी। दवाइयों की गुणवत्ता परखने और यह जानने के लिए कि दवाएं असली हैं या नकली, नियमानुसार फॉर्म-17 भरकर दवाओं के डिब्बों पर सरकारी लाख की मुहर लगाकर नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। सैंपलिंग प्रक्रिया के बाद टीम ने दुकान के शटर को सील कर दिया।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी राजेश यादव आदतन अपराधी है। उस पर पूर्व में एनडीपीएस एक्ट सहित दो गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से वांछित चल रहा था और उस पर 20,000 रुपए का इनाम घोषित था। ड्रग्स इंस्पेक्टर हरीश सिंह ने कहा कि क्षेत्र में बिना लाइसेंस या अवैध तरीके से दवाओं के कारोबार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

 

 

• पत्रकारिता की साख पर उठे सवाल, 300 रुपये का माइक और 50 रुपये का कार्ड लेकर पत्रकार बनने वालों पर साधा निशाना;

• जल्द पत्रकारों की बैठक बुलाकर सीओ को सौंपा जाएगा ज्ञापन

 

ग्रामीण तहकीकात 
मंगलौर। लक्सर में कथित फर्जी पत्रकारों से जुड़े प्रकरण के बाद अब मंगलौर में भी पत्रकारिता की पहचान और विश्वसनीयता को लेकर हलचल तेज हो गई है। मंगलौर प्रेस क्लब रजि० के अध्यक्ष राहुल सैनी ने इस मामले में खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने अपने फेसबुक पृष्ठ के माध्यम से मंगलौर क्षेत्र में कथित फर्जी और बिना उचित पहचान के पत्रकारिता करने वालों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनकी इस पोस्ट के बाद स्थानीय पत्रकारिता जगत में भी चर्चा शुरू हो गई है। पोस्ट में पत्रकारिता के नाम पर पहचान का गलत इस्तेमाल करने, बाहरी क्षेत्रों से आकर काम करने वाले व्यक्तियों की संस्थागत संबद्धता की जांच और कथित फर्जी प्रेस कार्ड के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग उठाई गई है।

पत्रकारिता की आड़ में निजी स्वार्थ बर्दाश्त नहीं: राहुल सैनी

राहुल सैनी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में स्पष्ट शब्दों में कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसका उद्देश्य समाज की समस्याओं को सामने लाना, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना तथा आम जनता को सच्चाई से रूबरू कराना है। लेकिन जब कोई व्यक्ति इसी सम्मानित पेशे की आड़ में निजी स्वार्थ, दबाव बनाने या अपना प्रभाव जमाने का प्रयास करता है तो इससे पूरी पत्रकार बिरादरी की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का दूसरे क्षेत्र से होना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन पत्रकारिता के नाम पर काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान, संस्थान से जुड़ाव और कार्यप्रणाली की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

300 रुपये का माइक और 50 रुपये का कार्ड लेकर नहीं बन जाते पत्रकार

मंगलौर के पत्रकारिता जगत में एक और मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर कुछ पत्रकारों का कहना है कि आजकल हाथ में सस्ता माइक, गले में पहचान पत्र और वाहन पर प्रेस लिखवाकर पत्रकारिता की पहचान बनाने का चलन बढ़ रहा है। कुछ मामलों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार समाचार कतरनों को वास्तविक अखबार में प्रकाशित खबर की तरह दिखाने और मीडिया संस्थानों के नाम का कथित दुरुपयोग करने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। पत्रकारों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति पत्रकारिता की पहचान का इस्तेमाल कर किसी पर अनुचित दबाव बनाता है अथवा धन की मांग करता है तो ऐसे मामलों को प्रमाण सहित संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाना चाहिए। केवल पहचान पत्र या माइक के आधार पर किसी को फर्जी घोषित करने के बजाय उसकी वास्तविक संस्थागत संबद्धता और गतिविधियों की जांच जरूरी है।

मंगलौर में स्थानीय पत्रकारों की होगी बैठक, तैयार होगी आगे की रणनीति

मंगलौर प्रेस क्लब रजि० के अध्यक्ष राहुल सैनी की ओर से संकेत दिए गए हैं कि जल्द ही मंगलौर के पत्रकारों की एक बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में क्षेत्र में पत्रकारिता के नाम पर सक्रिय व्यक्तियों की पहचान, मीडिया संस्थानों की वास्तविक संबद्धता, प्रेस कार्ड के कथित दुरुपयोग और पत्रकारिता की गरिमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में सहमति बनने के बाद संबंधित अधिकारी, विशेष रूप से सीओ मंगलौर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग उठाने की तैयारी है।

बाहरी होना नहीं, गलत पहचान और कार्यप्रणाली होगी सवालों के घेरे में

मंगलौर के सक्रिय एवं वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि क्षेत्र में पत्रकारिता करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का स्वागत है, लेकिन पत्रकारिता की आड़ में गलत पहचान बनाकर किसी प्रकार का अनुचित लाभ उठाने की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए। उनका कहना है कि जो पत्रकार वास्तव में धरातल पर रहकर जनता की समस्याओं को उठाते हैं, अधिकारियों तक आम लोगों की आवाज पहुंचाते हैं और निष्पक्ष पत्रकारिता करते हैं, उनकी प्रतिष्ठा सुरक्षित रहनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को केवल बाहरी क्षेत्र का होने के कारण पत्रकारिता से वंचित नहीं किया जा सकता, लेकिन संस्थान की पहचान और अधिकृत प्रतिनिधित्व की पुष्टि आवश्यक है।

अब प्रशासन की भूमिका पर टिकी निगाहें

मंगलौर में उठे इस मुद्दे ने पत्रकारिता के नाम पर पहचान पत्र जारी करने और मीडिया संस्थानों की संबद्धता की पुष्टि जैसे विषयों को फिर चर्चा में ला दिया है। सवाल यह है कि यदि कोई व्यक्ति गलत प्रेस कार्ड, फर्जी समाचार कतरन या किसी संस्थान के नाम का दुरुपयोग करता है तो उसकी जांच कौन करेगा और जिम्मेदारी किसकी होगी? पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रेस संगठनों, मीडिया संस्थानों और प्रशासन के बीच समन्वय जरूरी है। अब सबकी निगाहें मंगलौर प्रेस क्लब की प्रस्तावित बैठक और उसके बाद उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं। इतना तय है कि पत्रकारिता की आड़ में कथित गलत गतिविधियों के मुद्दे को लेकर मंगलौर में आवाज तेज होने लगी है।

ग्रामीण तहकीकात / नवीन कुमार 

मंगलौर। दीपावली के पावन पर्व पर मंगलौर विधानसभा क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव मुडलाना में आस्था, उत्साह और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। दीपोत्सव के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने गांव स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में 551 दीप प्रज्वलित कर सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। दीपों की रोशनी से मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण जगमगा उठा। कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता करतार सिंह भड़ाना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत एवं सम्मान किया। इस दौरान आयोजक एवं भाजपा नेता संजय कुमार ने कहा कि मुडलाना में दीपावली के अवसर पर 551 दीप प्रज्वलित करने की परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है। इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ गांव में आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और एकजुटता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि करतार सिंह भड़ाना को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था और उनके कार्यक्रम में पहुंचने से ग्रामीणों में उत्साह रहा। वहीं ग्रामीण एवं युवा आयोजकों ने कहा कि दीपोत्सव जैसे धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि करतार सिंह भड़ाना क्षेत्र में होने वाले धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते नजर आते हैं और ऐसे कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी को ग्रामीण सराहते हैं। इस अवसर पर ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास, जनसेवा और सामाजिक कार्यों को लेकर अपनी अपेक्षाएं भी उनके सामने रखीं। कार्यक्रम के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी राजनीतिक चर्चा देखने को मिली। ग्रामीणों ने करतार सिंह भड़ाना के प्रति समर्थन जताते हुए मंगलौर विधानसभा क्षेत्र से उन्हें चुनाव में सफलता मिलने की कामना की। हालांकि चुनाव को लेकर अंतिम निर्णय मतदाताओं का होगा। कुल मिलाकर मुडलाना का दीपोत्सव धार्मिक परंपरा, सामाजिक एकता और स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं के बीच उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता

मंगलौर। विद्युत चोरी की शिकायतों के आधार पर विद्युत वितरण उपखंड मंगलौर और विजिलेंस टीम ने सोमवार, 2 नवंबर को संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। उपखंड अधिकारी अनुभव सैनी के नेतृत्व में टीम ने ग्राम झबिरन मंडावली में जांच के दौरान बिजली चोरी के 24 मामले पकड़े जाने की जानकारी दी। विभाग के अनुसार, कुछ स्थानों पर कथित रूप से सीधे केबल जोड़कर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान मौके पर हलचल रही और कुछ लोगों द्वारा केबल हटाने का प्रयास किए जाने की बात भी विभाग की ओर से बताई गई। उपखंड अधिकारी अनुभव सैनी ने बताया कि चेकिंग में सामने आए मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्युत चोरी पर अंकुश लगाने के लिए उपखंड मंगलौर और विजिलेंस टीम की ओर से आगे भी संयुक्त जांच अभियान जारी रहेगा। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे बिजली का उपयोग नियमानुसार और आवश्यकता के अनुसार करें। विभाग के मुताबिक, बिजली चोरी से विद्युत व्यवस्था पर अतिरिक्त भार पड़ता है, जिससे निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने में कठिनाई हो सकती है। अभियान में अवर अभियंता विकास, सतीश कुमार और अभिषेक सहित विजिलेंस के सहायक अभियंता धनंजय सिंह, अजय सेमवाल, अनिल, अवर अभियंता अनिता काला और सपना, इंस्पेक्टर मारुत साह एवं सरिता शाह तथा सब-इंस्पेक्टर संजीव त्यागी सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

← Back

Thank you for your response. ✨

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता / फरमान

मंगलौर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मुंडलाना में आजाद समाज पार्टी की ओर से एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र से संभावित प्रत्याशी महक सिंह तथा मंगलौर विधानसभा क्षेत्र से चुनावी तैयारी कर रहे राव अशवद का ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूलमालाओं से स्वागत किया। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान कई लोगों ने आजाद समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को समर्थन देने की बात कही। कार्यक्रम में महक सिंह ने क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास की स्थिति संतोषजनक नहीं है और लोगों को आज भी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुंडलाना गांव में लंबे समय से बंद पड़े छात्रावास का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसके संचालन की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिल सके। वहीं राव अशवद ने क्षेत्र में जलभराव, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान कई गांवों में जलभराव से ग्रामीणों को परेशानी होती है और इन समस्याओं के समाधान की आवश्यकता है। दोनों नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों और विकास के मुद्दों पर जनता के बीच जाने की बात कही। बैठक में मौजूद लोगों के बीच चुनाव और क्षेत्रीय विकास को लेकर चर्चा हुई।

 

 

ग्रामीण तहकीकात/नीरज धीमान/हिना कोसर 

सहारनपुर। जनपद में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद सब-इंस्पेक्टर नरेंद्र भड़ाना ने थाना फतेहपुर प्रभारी का कार्यभार संभाल लिया- चार्ज लेते ही उन्होंने थाना परिसर का निरीक्षण किया और अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता होगी- उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने, आमजन की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी- उनकी सक्रिय कार्यशैली से क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है- फतेहपुर की जनता ने भी नए थाना प्रभारी का स्वागत करते हुए बेहतर पुलिसिंग की अपेक्षा जताई है!!

 

 

ग्रामीण तहकीकात/नीरज धीमान 

एसएसपी अभिनंदन के प्रशासनिक फेरबदल के बाद फतेहपुर थाने में नए प्रभारी की तैनाती, कानून-व्यवस्था पर रहेगी निगाह

सहारनपुर। जनपद के पुलिस महकमे में प्रशासनिक फेरबदल की खबर सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, थाना फतेहपुर के प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार को वहां से हटाकर थाना बड़गांव भेजा गया है, जबकि नरेंद्र भड़ाना को थाना फतेहपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बदलाव एसएसपी अभिनंदन के स्तर से किया गया बताया जा रहा है।

इस फेरबदल के बाद फतेहपुर क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की निगाहें नए थाना प्रभारी पर रहेंगी। हालांकि, इस बदलाव के पीछे किसी विशेष शिकायत या कार्रवाई को कारण बताने की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

फतेहपुर से बड़गांव भेजे गए प्रमोद कुमार

जानकारी के मुताबिक, प्रमोद कुमार को थाना फतेहपुर के प्रभारी पद से हटाकर थाना बड़गांव स्थानांतरित किया गया है। उनके फतेहपुर में कार्यकाल की अवधि और तबादले के वास्तविक कारणों के संबंध में आधिकारिक आदेश या विस्तृत विभागीय जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

 

नरेंद्र भड़ाना को फतेहपुर थाने की जिम्मेदारी

 

नरेंद्र भड़ाना को थाना फतेहपुर की कमान दिए जाने की जानकारी है। अब उनके सामने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, शिकायतों पर त्वरित सुनवाई और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।

जनता की निगाहें नए थाना प्रभारी पर

फतेहपुर क्षेत्र के लोगों को उम्मीद रहेगी कि नए थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिसिंग प्रभावी होगी और अपराध तथा जनसमस्याओं से जुड़े मामलों में समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन के इस बदलाव का क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

ग्रामीण तहकीकात संवाददाता / फरमान

मंगलौर। गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। रुड़की के मंगलौर क्षेत्र में स्थित लिब्बरहेड़ी उत्तम शुगर मिल का नए पेराई सत्र के लिए भव्य शुभारंभ किया गया। मिल के शुरू होने से आसपास के क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शुभारंभ कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोकदल के नेता उबैर्दुहमान उर्फ मोंटी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने किसानों के हितों की पैरवी करते हुए उत्तराखंड सरकार से गन्ने का मूल्य बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तम शुगर मिल के शुरू होने से आसपास के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। किसानों की सबसे बड़ी जरूरत यह है कि उनकी फसल समय पर मिल तक पहुंचे और उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत करके अपनी फसल तैयार करता है। खेती में लगातार लागत बढ़ रही है, ऐसे में किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलना बेहद जरूरी है। जब किसान की फसल का समय पर उठान होगा और उसे गन्ने का उचित दाम मिलेगा, तभी किसान आर्थिक रूप से मजबूत और खुशहाल बन सकेगा। वहीं, उन्होंने उत्तराखंड सरकार से गन्ना किसानों के हित में गन्ने का मूल्य बढ़ाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की आर्थिक स्थिति और खेती पर बढ़ते खर्च को ध्यान में रखते हुए गन्ने के दाम में बढ़ोतरी करनी चाहिए, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिल सके। आखिरकार, उत्तम शुगर मिल के शुभारंभ से क्षेत्र के गन्ना किसानों को नई उम्मीद मिली है। अब किसानों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि पेराई सत्र सुचारू रूप से चले, गन्ने का उठान समय पर हो और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

 

झबरेड़ा। ग्राम पंचायत सुनहेटी आलापुर की वर्तमान ग्राम प्रधान और उनके पति के खिलाफ शैक्षिक प्रमाणपत्र से जुड़ी कथित अनियमितता के मामले में अदालत के आदेश पर थाना झबरेड़ा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। गांव निवासी सतीश कुमार उर्फ मुन्नू सिंह ने न्यायालय द्वितीय अपर सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट रुड़की में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान ने कथित रूप से स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) के आधार पर पहले आशा कार्यकत्री के पद पर नियुक्ति प्राप्त की और बाद में उसी प्रमाणपत्र का उपयोग पंचायत चुनाव में नामांकन के लिए किया। शिकायत में संबंधित प्रमाणपत्र चौधरी शिक्षा निकेतन जूनियर हाईस्कूल, ग्राम सोहलपुर की कक्षा आठ के शैक्षिक सत्र 2007-2008 का बताया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत विद्यालय से प्राप्त जानकारी में संबंधित नाम की किसी छात्रा के उक्त सत्र में अध्ययनरत होने तथा उसके नाम से टीसी या अंकपत्र जारी किए जाने का अभिलेख उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में ग्राम प्रधान के पति की भूमिका होने का आरोप भी लगाया है। पुलिस स्तर पर कार्रवाई न होने का हवाला देते हुए शिकायतकर्ता ने न्यायालय की शरण ली थी। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में झबरेड़ा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत ग्राम प्रधान और उनके पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना उपनिरीक्षक नीरज रावत को सौंपी है। पुलिस के अनुसार, संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में ग्राम प्रधान और उनके पति का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।